हाल ही में बिहार के मुख्य मंत्री नितीश कुमार ने कृषि विभाग में हो रहे कार्यप्रगति को लेकर बैठक की। इस दौरान विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यो के प्रति जानकारी ली साथ ही उन्होंने आगे के कार्यों पर विचार-विमर्श भी किया। बिहार में पिछले कुछ सालो से कृषि निर्यात (agricultural exports) और आमदनी (income) के प्रति सरकार का ज़्यादा ध्यान नहीं हुआ करता था। लेकिन हाल ही में हुए कृषि विभाग के बैठक में नितीश ने अपने पदातिकारियों को यह ऐलान कर कहा है कि किसानो की आमदनी पर ज़्यादा ध्यान देना ज़रूरी है। इनमे अच्छी बात यह है कि 2006 में जहाँ कृषि विभाग से बिहार को 3 करोड़ की निर्यात हुआ करती थी, वहीअब 2020 से सीधे 2617 करोड़ रुपए हो गया है।
शुक्रवार के बैठक में नितीश कुमार के सामने कृषि विभाग द्वारा बनाये गए प्रेजेंटेशन को भी प्रस्तुत किया गया। जिसमे पिछले 15 साल में हुए कृषि विभाग के बदलाव और घातीय वृद्धि से अवगत कराया गया। प्रेजेंटेशन में एग्री एक्सपोर्ट पालिसी, एग्री मार्केट इनफार्मेशन सिस्टम, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, बिहार एग्रीकल्चर प्रोड्यस वैल्यू एडिशन सिस्टम (BAVAS) सहित और भी कई एग्रीकल्चर सम्बंधित कार्यो पर विस्तार जानकारी दी गई थी। प्रेजेंटेशन देखने के ठीक बाद नितीश ने वहाँ बैठे बाकि के अधिकारियों से एग्रीकल्चर सेक्टर को प्रमोट करने की बात कही। उनके अनुसार किसानो के हितलाभ में लगातार काम किया जा रहा है। अब जो एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट्स में वृद्धि हो रही है, इसके फलस्वरूप किसानो के आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी। इस बदलाव को किसान के प्रति सहयोग और उनके लाभ को नज़र में रख कर किया जा रहा है।

