पटना-गया 4 लेन रोड के निर्माण पर चल रही लम्बे वक़्त से चर्चा आख़िरकार अब समाप्त हुई। क्योंकि रुके हुए NH-83 के निर्माण को अब दुबारा से शुरू करने के लिए बिहार सरकार ने मंज़ूरी दे दी है। ऐसा माना जा रहा है कि पिछले 5 साल से अटकलों का सामना करते सड़क राजमार्ग का निर्माण अब जल्द ही रफ़्तार पकड़ सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जापान से सहयोग लेने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार आपको बता दें की जापान इंटरनेशनल कारपोरेशन एजेंसी के वित्तीय सहयोग से करीबन 1610.47 करोड़ की लागत से रोड का निर्माण किया जायेगा।
2015 में शुरू हुआ था सड़क निर्माण कार्य, जिसे लम्बे वक़्त से अटकलों का सामना करना पड़ रहा था। 127.21 किलोमीटर लम्बी यह सड़क का निर्माण बिच मझदार में ज़मीन के कमी होने के कारण रोका गया था। उस वक़्त निर्माण के लिए 264 करोड़ की लागत राशि रखी गयी थी। पिछले साल राज्यसभा में इस कार्य के सम्बंधित दुबारा प्रश्न उठाए गए थे, जिसके जवाब स्वरूप में यह ऐलान किया गया की 707 हेक्टर ज़मीन बिहार सरकार को उपलब्ध कराई जायेंगी और फिर ज़मीन की उपलब्धि के तुरंत बाद दिसम्बर 2020 से कार्य पुनः शुरू कर दिया गया। पिछले करीबन 6 माह में कड़क निर्माण में 91.15 करोड़ ख़र्च किये जा चुकें है, लेकिन जानकारी के अनुसार तीनो पैकेज की कार्य प्रगति केवल 9 प्रतिशत ही हुई है। इसके बावजूद सरकार का दवा है कि NH-83 निर्धारित समय में बन कर तैयार हो जायेगा।
इसी के साथ बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने पटना के महात्मा गाँधी सेतु के सामानांतर बन रहे पुल पर भी जानकारी दी है। जिसके मुताबिक चार लेन वाले पुल के साथ 8 लेन पथ निर्माण को भी मंज़ूर मिल गई है। और उसकी लागत करीबन 2962.42 करोड़ रुपए होंगे। राज्य के विकास और पर्यटकों के सुविधा के लिए के कई सारे प्रोजेक्ट्स शुरू तो हो रहे है, लेकिन ध्यान देने योग्य यह बात है कि क्या सारी परियोजनाएँ दिए गए वक़्त और पैसे में पूरा हो पायेगा या नहीं। वही अब पटना-गया-डोभी रोड के दुबारा शुरू हुए निर्माण में जहां अब तक केवल 9% कार्य ही हो पाया है वहां क्या सरकार के दावे के अनुसार साल 2022 के अंत तक बाकि के 91% पूरे हो पाएंगे ?

