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कोरोना की दूसरी लहर का बहुत बुरा असर पड़ा है ऑटोमोबाइल सेक्टर में ,पहली लहर के बाद जब बाज़ार खुला था तो ऑटोमोबाइल सेक्टर में खुश सुधर देखने को मिला था ,लेकिन दुसरे लहर के बाद अनलॉक होते ही बाज़ार का बहुत बुरा हाल हो गया है। इस बार दूसरी लहर के बाद सभी कंपनियों के गाड़ियों का माँग 15 फीसदी घटी है।

ऑटोमोबाइल संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के रिपोर्ट के मुताबिक ऑटोमोबाइल सेक्टर में देशव्यापी गिरावट आई है। चन्दन ऑटोमोबाइल,अलंकार मोटर्स ,वैशाली हौंडा,महिंद्रा के डीलर का कहना है की ऑटोमोबाइल सेक्टर दूसरी लहर के बाद पूरी तरह प्रभावित हुआ है। लगन के बावजूद 2 पहिया वाहन में 40 % और चार पहिया वाहन में लगभग 25 % गिरावट आई है। चार पहिया वाहनों के पर्सनल सेगमेंट में भी 15 % गिरावट आई है। वहीँ ऑटोमोबाइल कमर्शियल सेगमेंट की बात करे तो उसमे सबसे ज़ायदा 65 % तक गिरावट आई है।

डीलरों और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों की माने तो पिछले तीन महीनो में तीन बार गाड़ियों की कीमत में बढ़ोतरी हुई है जो की भी एक मुख्य कारन है ग्राहकों का दूर जाने का। लगातार बढ़ रहे हैं पेट्रोल के दाम और गाड़ियों के पार्ट्स के दाम भी मुख्य कारन है। लुभावने ऑफर भी ग्राहकों को खींचने में नाकाम हो रहे हैं।

पहली और दूसरी लहर में गाड़ियों की बिक्री का ट्रेंड बिल्कुल उलटा है। लीडर ऑटोमोबाइल के प्रबंध निदेशक ने कहा कि पिछले साल कोरोना की पहली लहर में गाड़ियों की डिमांड में कमी नहीं आयी थी। पिछले साल गाड़ियों की डिलीवरी में काफी कमी थी। इसके कारण गाड़ियों के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची तैयार हो गई थी। इस वर्ष मार्च 21 के बाद आयी कोरोना की दूसरी लहर में गाड़ियों की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं रही। इस बार बाजार से गाड़ियों की मांग नदारद है।

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