युं तो बिहार अपने एतिहासिक स्मारक और धार्मिक स्थलों के लिए काफी चर्चित है लेकिन अब बिहार की सूरत बदलते नज़र आने वाली है। बिहार अब पूरी तरह से महानगर बनने के राह पर है जहाँ एक तरफ मेट्रो ट्रैन आने कि ज़ोरो शोरो से तैयारी चल रही है तो वहीँ दूसरी ओर राज्य को एक से एक नए प्रस्ताव भी मिल रहे है। प्रस्ताव कुछ ऐसें है कि अब बिहार के छोटे जिलों में भी होटल(hotels) और मनोरंज पार्क यानि की एम्यूजमेंट पार्क(amusement पार्क) बनने के ऑफर्स आये है। और आपको बता दें की इन्हे मंज़ूरी तक मिल गई है। पिछले कुछ समय से बिहार में ज़मीन जायदाद (real estate) और खाध प्रसंस्करण (food processing) में काफी निवेश होते आ रहे है। पर अब वक़्त के साथ लोग और भी दूसरे क्षेत्रों में पैसे लगाने को हिचकिचा नहीं रहे है।
अब बिहार में होटल्स और एम्यूजमेंट पार्क बनाने और उसमे निवेश करने के लिए भी काफी प्रस्ताव आए है। बात करें मनोरंजन पार्क कि तो फिलहाल बिहार के पटना जिले में तीन वाटर पार्क है; फनटासिया वाटर पार्क, हंगामा वर्ल्ड वाटर पार्क और छपाक वाटर पार्क। लेकिन अब पटना के बाद, ‘गया और समस्तीपुर’ जैसे छोटे जिलों में भी एक-एक वाटर पार्क बनने की तैयारी हो चली है। इन् जिलों के लोग भी अब गर्मियों में तरह तरह के झूलों के साथ पानी का लुफ्त उठा पाएंगे। बनने जा रहे इन् नए वाटर पार्क में आपको देखने को मिलेंगे रेन कोर्ट (RAIN COURT), फ़ूड कोर्ट (FOOD COURT) और डांस फ्लोर(DANCE FLOOR) जैसे काफी सारे सुविधा।
हाल के कुछ महीनो से इस विषय पर राज्य स्तर पर चर्चा चल रही थी। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड(एसआईपीबी) के तरफ से इससे स्टेज-1 क्लियरेंस यानि की पहली मंज़ूरी मिल गयी है। चूँकि बोधगया बिहार के पर्यटक स्थलों में से एक है इसलिए इस जगह को वाटर पार्क बनाने के लिए चुना गया है। प्रस्ताव के मुताबिक 10 करोड़ की लागत से यहाँ वाटर पार्क बनाया जाएगा। वही समस्तीपुर में करीबन 6 करोड़ की लागत से वाटर पार्क बनाने की मंजूरी मिली है। साथ ही बोधगया, मोतिहारी, बेतिया और सहरसा में होटल बनाने की चर्चा चल रही है। पर्यटक के लिहाज से बोधगया को वाटर पार्क के साथ ही होटल बनने की भी मंजूर मिली है इसलिए यहाँ होटल के लिए भी निवेश किये जायेंगे और यहाँ करीबन 72 करोड़ की लागत से होटल बनेंगे।

