राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 25 वें स्थापना दिवस समारोह पर लालू प्रसाद यादव अपने लोगों के बीच भावुक हो गए। अपने कार्यकर्ताओ का विश्वास बढ़ाते हुए उन्होंने कहा की हम किसी भी परिस्थिति में किसी के आगे झुकेंगे नहीं और चाहे उन्हें मिटना ही कुन पड़े। अपने विरोधियो को जवाब देते हुए आगे उन्होंने कहाँ की वे हमारे समय के कार्यकाल को जंगल राज बताते हैं। जबकि उस समय जंगल राज नहीं जनता राज हुआ करता था। हमारे समय चरवाहा स्कूल इस बात का सूचक था की पेट के साथ शिक्षा भी ज़रूरी हैं।
ठेठ भासा में उद्धरण देते हुए उन्होंने कहाँ की हमने तो एक तरफ तवा पर रोटी सेकने का काम किया। हमारे समय में जनता का राज़ हुआ करता था।
इसके एल्वा उन्होंने अपने पीछे पार्टी को संभालने के लिए अपने बेटे तेजस्वी प्रताप यादव की बड़ाई की। उन्होंने कहा की हमारे पीछे में बिहार में चुनाव हुआ , हम बेचैन रहते थे लेकिन तेजस्वी ने समझाया की आप चिंता मत करे हम और बाकी पार्टी के लोग यहाँ मिल कर सब संभाल लेंगे।
बेरोजगारी और महंगाई पर लालू न मजाकिया अंदाज़ में कहा की घी के दाम को भी खुश दिन पेट्रोल पीछे छोड़ देगा। और जनता बेचारी मजबूरी में चुप हैं लेकिन लोगों को परेशान होने की ज़रुरत नहीं है क्यूंकि जनता हमारे साथ है। कोरोना के इंतज़ाम को लेकर भी उन्होंने सरकार को निकम्मा ठराया , और कहाँ की सरकार का पूरा इंतज़ाम होता तो हालत इतने ख़राब नहीं होते। न इतने सारे लोगों की जान जाती।
उन्होंने अपने कार्यकर्ताओ से अपील की की वो समाज के बीच में रहे और अपना तना बना समाज के साथ बना के रखे , इस सरकार की हालत इतनी बुरी है की नियमित रूप से संसद भी नहीं चल पा रहा है।
