सीबीएसई 10वीं करने वाले बच्चों के अंक बोर्ड ही अपलोड करेगा। बोर्ड ने 12वीं के रिजल्ट में किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए यह तैयारी की है। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। 10वीं बोर्ड, 11वीं और 12वीं के अंक की गणना इसके माध्यम से ही की जाएगी। इसकी तैयारी को लेकर बोर्ड ने स्कूलों को अन्य बोर्ड से 10वीं करने वाले बच्चों के अंक तैयार रखने का निर्देश दिया है।
21 जून से इसकी मदद से काम शुरू हो जाएगा। डीएवी स्कूल के प्राचार्य एमके झा, इंडियन एसोसिएशन ऑफ स्कूल के सचिव सुमन कुमार, सीबीएसई स्कूल सगंठन के सतीश कुमार झा, केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि सीबीएसई ने कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड की मूल्यांकन योजना के तहत बच्चों के अंक गणना में पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इसकी जानकारी सीबीएसई की ओर से सभी स्कूल को दी गई है।
तीन दिन में 11वीं के थ्योरी और 12वीं के मिड टर्म प्री-बोर्ड के अंक रखें तैयार
सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को निदेश दिया है कि वह 12वीं कक्षा के रिजल्ट की गणना के लिए एक आईटी प्रणाली विकसित कर रहा है। अगले सप्ताह से कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के परिणाम तैयार करने में स्कूलों की सहायता के लिए एक हेल्प डेस्क भी स्थापित किया जाएगा।
इसके अलावा कक्षा 11वीं के दौरान छात्रों को प्राप्त थ्योरी के मार्क्स और कक्षा 12वीं के दौरान मिड टर्म और प्री बोर्ड परीक्षा आदि के मार्क्स का विवरण पहले से ही तैयार करके रखें ताकि उस समय किसी तरह की कोई परेशानी न आए। मार्क्स अपलोड करने के लिए पोर्टल 21 जून से एक्टिव हो जाएगा।
यह आईटी सिस्टम रिजल्ट मूल्यांकन के लिए अंक अपलोड करने में स्कूल स्टाफ की मेहनत और समय की बचत करेगा। इसके साथ ही सीबीएसई ने कहा है कि स्कूल 12वीं के छात्रों के अंक अपलोड करने के पहले उनके 10वीं के थ्योरी में प्राप्त अंक आदि तैयार करके रखे। विशेष तौर पर उन छात्रों के जिन्होंने परीक्षा दूसरे बोर्ड या स्कूल से पास की थी।

