बड़ी कंपनियों ने भी निवेश प्रस्ताव दिए हैं। इनमें मुख्य रूप से सज्जन जिंदल ग्रुप की जेएसडब्ल्यू प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, हल्दीराम भुजियावाला, माइक्रोमैक्स बॉयो फ्यूल्स, इडेन स्मार्ट एग्रोटेक, न्यूवे होम्स, एलायंस इंडिया कन्ज्यूमर प्रोडक्ट्स, न्यूजेन बायो फ्यूल्स, बिहार डिस्टिलर्स एंड बॉलर्स इंडिया और शक्ति अर्थ मूवर्स एलएलपी शामिल हैं।कोविड-19 महामारी के इस कठिन दौर में कई नामचीन कंपनियां बिहार का रुख कर रही हैं। यह कंपनियां यहां निवेश की इच्छुक हैं। इसकी बानगी शुक्रवार को विकास आयुक्त आमिर सुबहानी की अध्यक्षता में हुई राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (एसआईपीबी) की 29वीं बैठक में देखने को मिली। इस बैठक में 3516 करोड़ के 70 निवेश प्रस्ताव को स्टेज-1 क्लियरेंस प्रदान की गई।
स्वीकृत प्रस्तावों में इथेनॉल व ऑक्सीजन उत्पादन समेत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।
बिहार में धीरे-धीरे निवेश का माहौल बन रहा है। राज्य ने कोरोना काल में ही नई इथेऩॉल नीति और ऑक्सीजन नीति बनाई है। इन नीतियों के जरिए निवेशकों को दी गई सुविधाओं का असर दिखने लगा है। 70 निवेश प्रस्ताव में 15 इथेनॉल क्षेत्र के हैं, जिसमें 2554 करोड़ निवेश प्रस्तावित है। जबकि ऑक्सीजन उत्पादन इकाइयों के पांच प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है। इसमें 58.83 करोड़ निवेश होने की संभावना है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के 21 प्रस्ताव में 456.78 करोड़ और सामान्य मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र के 16 प्रस्ताव में 296.48 करोड़ निवेश प्रस्तावित है।
खास बात यह है कि कई बड़ी कंपनियों ने भी निवेश प्रस्ताव दिए हैं। इनमें मुख्य रूप से सज्जन जिंदल ग्रुप की जेएसडब्ल्यू प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, हल्दीराम भुजियावाला, माइक्रोमैक्स बॉयो फ्यूल्स, इडेन स्मार्ट एग्रोटेक, न्यूवे होम्स, एलायंस इंडिया कन्ज्यूमर प्रोडक्ट्स, न्यूजेन बायो फ्यूल्स, बिहार डिस्टिलर्स एंड बॉलर्स इंडिया और शक्ति अर्थ मूवर्स एलएलपी शामिल हैं।
270 करोड़ के 10 प्रस्तावों को वित्तीय प्रोत्साहन स्वीकृति
राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद ने अपनी पिछली बैठक में जिन प्रस्तावों को स्टेज-1 की स्वीकृति दी थी, उनमें से 10 निवेश प्रस्तावों पर वित्तीय प्रोत्साहन स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें कुल 270 करोड़ का निवेश होना है। यह इकाइयां वाणिज्यिक उत्पादन में आने के बाद बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 के तहत ब्याज अनुदान, स्टाम्प शुल्क, भूमि सम्परिवर्तन शुल्क, एसजीएसटी, विद्युत शुल्क आदि अनुदान लेने की पात्र होंगी। इसमें मुख्य रूप से खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी 04 इकाइयां जिसमें 37.53 करोड़, इथेनॉल उत्पादन से संबंधित 01 इकाई जिसमें 96.76 करोड़ और सामान्य मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की 02 इकाइयों के साथ-साथ कुछ छोटी इकाइयों के भी निवेश संभावित है।

