कोरोना महामारी के बीच पटना एम्स के रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी देकर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमित होने पर बेड न मिलने का आरोप लगाते हुए एम्स में कम से कम 20 बेड रिजर्व करने की मांग की है। रेजीडेंट डॉक्टरों ने मांग नहीं पूरी होने पर 24 मई से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
कोरोना महामारी के बीच पटना एम्स के रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी देकर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमित होने पर बेड न मिलने का आरोप लगाते हुए एम्स में कम से कम 20 बेड रिजर्व करने की मांग की है। रेजीडेंट डॉक्टरों ने मांग नहीं पूरी होने पर 24 मई से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा है कि रेजीडेंट डॉक्टर दिन-रात कोरोना मरीजों के इलाज में लगे हैं। ऐसे में यदि वे कहीं खुद कोरोना संक्रमित हो गए तो उन्हें समुचित इलाज मिलना चाहिए। लेकिन कई बार बेड मिलने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में सरकार को एम्स पटना में रेजीडेंट डॉक्टरों के लिए कम से कम 20 बेड रिजर्व करने चाहिए। आरडीए के अध्यक्ष डा.विनय ने चेतावनी देते हुए कहा कि मांग नहीं मानी गई तो 24 मई से सभी रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने सरकार से कोविड ड्यूटी के बाद आठ दिन ऑफ दिए जाने की भी मांग की।
बीमा की मांग को लेकर आईजीआईएमएस में इंटर्न ने किया काम ठप
उधर, आईजीआईएमएस में एमबीबीएस इंटर्न हड़ताल पर चले गए हैं। 50 से अधिक इंटर्न ने काम-काम ठप कर दिया है। उन्होंने सरकार से कोविड ड्यूटी के दौरान बीमा कराने की मांग की है। इसके साथ ही एमबीबीएस इंटर्न की मांग है कि उनका मानदेय बढ़ाया जाए। सभी इंटर्न निदेशक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। ये इंटर्न पिछले 15 दिनों से कोविड मरीजों का इलाज कर रहे थे।

