Report by Manisha:
पुलिस मुख्यालय बर्खास्त थानेदार अवणि भूषण प्रसाद सिंह की सच्चाई सामने आने के बाद सतर्क हो गया। शराब से जुड़े मामले के वजह से बर्खास्त होने के बाद पिछले दिनों दारोगा अवणि भूषण को शराब के ही अवैध धंधे में लिप्त पाया गया था। इस घटना के बाद से पुलिस की मद्यनिषेध इकाई ने शराब से जुड़े मामलों में किसी न किसी वजह से बर्खास्त वर्दीधारियों पर पैनी नजर रखने की तैयारी शुरू कर दी है।
ऐसे पुलिसकर्मियों के संबंध में जिलों के एसएसपी और एसपी को बिहार पुलिस की मद्यनिषेध इकाई ने पत्र लिखकर जरूरी जानकारी मांगी है। इस सूची में पुलिस कर्मियों के साथ ही सैप के जवान और दूसरे वर्दीधारी भी शामिल हैं। बर्खास्तगी के बाद ये क्या कर रहे हैं इसपर नजर रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सूची में दारोगा से लेकर सिपाही तक
शराब से जुड़े मामलों में मद्यनिषेध इकाई ने बर्खास्त किए गए इंस्पेक्टर, दारोगा, एएसआई, हवलदार, सिपाही के अलावा सैप, होमगार्ड और चौकीदारों के नाम के साथ एक सूची जिलों को भेजी है। बर्खास्तगी के समय उनकी तैनाती के स्थान और रैंक का जिक्र इस सूची में है। इसमें कुल 211 वर्दीधारियों के नाम शामिल हैं। इनपर शराबबंदी कानून को लागू करने में लापरवाही बरतने का आरोप में कार्रवाई की गई है।
तीन बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी
आपको बता दे तीन बिंदुओं पर मद्यनिषेध इकाई के आईजी अमृत राज द्वारा बर्खास्त वर्दीधारियों से संबंधित जानकारी मांगी गई है। इसमें पिता का नाम, घर का पता और मोबाइल नम्बर भी शामिल है। अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दें और 6 अप्रैल तक इन तीन बिंदुओं पर जानकारी मद्यनिषेध इकाई को उपलब्ध कराएं।
शराबबंदी को लागू करने में कई पर गिरी है गाज
पुलिस मुख्यालय ने शराबबंदी कानून को लागू करने में असफल रहने के आरोप में पिछले कुछ महीने में 7 थानेदारों को निलंबित किया गया था। नवम्बर और दिसम्बर 2020 में रोहतास मुफस्सिल, कुदरा, रौशनगंज, कंकड़बाग, गंगा ब्रिज, अहियापुर और मीनापुर के थानेदार निलंबित किए गए थे। इससे पहले भी बड़ी संख्या में थानेदारों को निलंबित किया गया था। वहीं दूसरी ओर कई पुलिसकर्मियों को गंभीर आरोप प्रमाणित होने के बाद सेवा से बर्खास्त भी किया गया है।

