Rahul GandhiRahul Gandhi

Report by Manisha:

मंगलवार को बिहार विधानसभा में हंगामे को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जमकर हमला बोला। अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने लिखा है कि बिहार विधानसभा की शर्मनाक घटना से साफ़ है कि मुख्यमंत्री पूरी तरह आरएसएस/बीजेपी मय हो चुके हैं।

राहल गांधी ने अपने ट्वीट के आगे लिखा है कि लोकतंत्र का चीरहरण करने वालों को सरकार कहलाने का कोई अधिकार नहीं है। विपक्ष फिर भी जनहित में आवाज़ उठाता रहेगा- हम नहीं डरते!

वहीं दूसरी ओर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा नेता अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर लिखा है कि बिहार विधानसभा में सशस्त्र बलों द्वारा विधायकों पर हमला आपराधिक कृत्य है। सड़क पर बेरोज़गार युवाओं पर भी जो हमले हुए वो दिखाते हैं कि सत्ता मिलने के बाद भाजपाई सरकारें जनता को क्या समझती हैं। निंदनीय! बिहार में लोकतंत्र पर क़ातिलाना हमला हुआ है।

बिहार विधानसभा में सशस्त्र बलों द्वारा विधायकों पर हमला आपराधिक अधिकार है। सड़क पर बेरोज़गार युवाओं पर भी जो हमले हुए वो दिखाते हैं कि सत्ता मिलने के बाद भाजपाई सरकारें जनता को क्या समझती हैं। निंदनीय!

वहीं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी ट्वीट कर सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला है। राबड़ी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि विधानसभा में महिला विधायकों का चीरहरण होता रहा। सरेआम उनकी साड़ी को खोला गया, ब्लाउज़ के अंदर हाथ डालकर खींचा गया, अवर्णीय तरीक़े से बदसलूकी की गयी और नंगई की पराकाष्ठा पार कर चुके नीतीश कुमार धृतराष्ट्र बन कर देखते रहे। सत्ता आनी-जानी है लेकिन इतिहास तुम्हें कभी क्षमा नहीं करेगा।

CM नीतीश कुमार ने कहा लोगों की रक्षा के लिए है बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021 लोगों और उनके हितों की रक्षा के लिए है। यह लोगों को कष्ट देने के लिए नहीं बना है। इसको लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। इसका विरोध करने वाले इस विधेयक को गौर से पहले पढ़ लें। बिना पढ़े अफवाह फैलायी जा रही है।

नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा कि बीएमपी का नाम बदलकर बिहार सशस्त्र पुलिस किया गया है। बिहार मिलिट्री पुलिस, यह नामकरण उपयोगी नहीं है। पुलिस का जो काम है, वही वह करेगी। गलत करने वाले पुलिस को सजा देने का जिक्र भी इस विधेयक में है। अपराध नियंत्रण के लिए यह विधेयक लाया गया है। बोधगया सुरक्षा के लिए भी हमने बीएमपी बहाल किया। कोई सुरक्षा के लिए गया है और वहां अगर कोई गोली चलाएगा तो पुलिस कोर्ट की अनुमति का इंतजार करेगी या अपराधी को गिरफ्तार कर थाना के हवाले करेगी।

किसी को काम सौंपेंगे तो अधिकार तो देंगे ही। आश्चर्य है कि इसके बारे में गलतफहमी पैदा की गई। आखिर किसने समझाया। बोधगया में महोबोधि मंदिर के पास कैसी घटना 2013 में घटी थी। किस तरह से वह बचा था। हमलोग तुरंत सुबह में जाकर एक-एक चीज को देखे। उसके बाद वहां की सुरक्षा के लिए बीएमपी को लगाया गया। दरभंगा एयरपोर्ट पर इन्हें कार्य सौंपा गया है।