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Report by Manisha:

नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को एयर इंडिया एयरबस पायलटों का संघ इंडियन कॉमर्शियल पायलट ने भत्ता बहाली के लिए पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है। पायलटों के इस संघ ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि उद्योग मानकों के अनुसार भत्ता देने की गुजारिश की है। वहीं संघ ने कहा कि पायलटों को भत्ता देने से इनकार करना काफी भयानक है।

पायलटों ने कहा कि उन्हें अप्रैल 2020 से लगभग 58 फीसदी की एकतरफा कटौती और अक्टूबर 2020 से 55 फीसदी की कटौती का सामना करना पड़ा है। संघ ने एयरलाइन से कहा कि वो अपने कर्मचारियों को पूरा वेतन दें क्योंकि वे महामारी के दौरान भी राष्ट्र की सेवा के लिए काम किया है।

दूसरी ओर पायलट संघ ने कहा कि एक साल हो गया है जब कोविड-19 महामारी ने विमानन उद्योग को नष्ट कर दिया था और एयर इंडिया और इसके पायलट महामारी के चरम पर रहने के बाद भी उड़ानों को जारी रखा था। इसके बाद भी हमारे पायलटों के वेतन में कटौती की गई। वहीं, एयर इंडिया ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की।

भयानक बताया भत्ते में कटौती को

संघ ने कहा पायलटों को मिलने वाले मासिक उड़ान भत्ते को बंद करना उचित नहीं है। जबकि पायलटों ने महामारी के दौरान खुद को जोखिम में डालकर उड़ान भरी थी। पायलटों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के भत्ते में संशोधन किए जाने पर भी सवाल उठाया। वहीं एक पायलट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के भत्ते का भुगतान उद्योग-मानक के साथ किया जाना चाहिए। उड्डयन मंत्रालय को हमें अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों जैसा व्यवहार करना चाहिए। आईसीपीए ने कहा कि एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एलायंस एयर के पायलटों को वेतन और भत्तों को देने से इनकार करना भयानक है।