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आज 22 मार्च है, यानी राज्य बिहार का जन्मदिन. बिहार दिवस(Bihar Day) आज ही के दिन सन 1912 में संयुक्त प्रांत से अलग होकर बिहार, राज्य के रूप में स्वतंत्र अस्तित्व में आया था।बता दें 2005 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब बिहार में सत्ता संभाली तो उन्होंने 22 मार्च को बिहार दिवस के रूप में मनाने को ऐलान किया। आज हम आपको बताते हैं ऐसे लोगों के बारें में जिन्होनें बिहार से जाकर बॉलीवुड जगत में अपना लोहा मनवाया.

अपने अंदाज से सबको आकर्षित करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा का जन्म 9 दिसंबर, 1945 को राजधानी पटना में हुआ था। वह एक ऐसी जगह से आते हैं, जहां उनके आस-पास कोई भी फिल्मी जगत से जुड़ा व्यक्ति नहीं था। इसके बावजूद वह फिल्मी दुनिया पर छाए। अपने दमदार आवाज़ से लोगों के दिलों में अलग छाप छोड़ा. इतना ही नहीं राजनीति में भी उनका कोई जवाब नहीं है।

प्रियंका चोपड़ा ऐसी अभिनेत्री जो बॉलीवुड के बाद हॉलीवुड में जलवा बिखेर रही, आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। बॉलीवुड में प्रियंका ने कई यादगार फिल्में दी और बाद में हॉलीवुड का रुख कर लिया। प्रियंका चोपड़ा का जन्म 18 जुलाई साल 1982 को बिहार के जमशेदपुर में हुआ था, जो अब झारखण्ड में है।

अभिनेता पंकज त्रिपाठी को आज किसी पहचान की जरूरत नहीं है। पंकज का जन्म 5 सितंबर 1976 को बिहार के गोपालगंज जिले में हुआ था। 2004 में रिलीज हुई फिल्म रन में पंकज त्रिपाठी महज 10 सेकेंड के लिए नजर आए थे। तब किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि ये शख्स एक दिन बॉलीवुड का इतना बड़ा कलाकार बनेगा। फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर के बाद पंकज त्रिपाठी रातों-रातो मशहूर हो गए। उसके बाद उन्होंने कई शानदार फिल्मों और वेब सीरीज में अभिनय किया। हिंदी भाषा की दो सबसे सुपरहिट वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स और मिर्जापुर में पंकज त्रिपाठी का अभिनय तारीफ के काबिल है।

एक्ट्रेस नेहा शर्मा का जन्म भागलपुर में हुआ था। उनके पिता कांग्रेस के नेता हैं और नेहा ने राजनीति छोड़कर फिल्मों का रुख किया और सफल हुईं। नेहा शर्मा ने 2007 में तेलुगू फिल्म ‘चिरुता’ से फिल्मों करियर की शुरुआत की। वहीं, नेहा ने मोहित सूरी की फिल्म ‘क्रूक’ हिंदी फिल्मों में डेब्यू किया था।

मनोज बाजपेयी बॉलीवुड के एक जाने माने अभिनेता हैं। उन्होने अपना फ़िल्मी कैरियर1994 मे शेखर कपूर निर्देशित अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फ़िल्म बैंडिट क्वीन से शुरु किया। बॉलीवुड मे उनकी पहचान 1998 मे राम गोपाल वर्मा निर्देशित फ़िल्म सत्या से बनी। इस फ़िल्म ने मनोज को उस दौर के अभिनेताओं के समकक्ष ला खङा किया। इस फ़िल्म के लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।

संदली सिन्हा ने अपनी दमदार एक्टिंग, मासूम आंखों और मुस्कुराहट से ना सिर्फ लोगों के दिलों पर राज किया बल्कि इस फिल्म के जरिए रातोंरात उनका करियर चमक गया था। संदली का जन्म मुजफ्फरपुर में हुआ था। पहली फिल्म ‘तुम बिन’ से संदली जितनी हिट हुईं उसके बाद उन्हें कुछ खास सफलता नहीं मिली। संदली सिन्हा अब पति के साथ करोडो़ं का बिजनेस संभाल रही हैं।