पप्पू यादव को तीन दशक पुराने जालसाजी मामले में जमानत मिल गई है, लेकिन उन्हें एक अन्य मामले में हिरासत में रहना होगा।

पटना, मध्य प्रदेश/विधायक न्यायालय ने मंगलवार को निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को तीन दशक पुराने जालसाजी मामले में जमानत दे दी।

यादव को शुक्रवार शाम पटना पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 467 के तहत 1995 में दर्ज एक मामले में अदालत द्वारा वारंट जारी किया गया था। अगली सुबह बीमारी के कारण उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सांसद की ओर से पेश हुए अधिवक्ता शिवनंदन भारती ने पत्रकारों से कहा, "पप्पू यादव को 1995 के मामले में जमानत मिल गई है। हालांकि, उन्हें हिरासत में रखा जाएगा, क्योंकि उसी दिन बुद्ध कॉलोनी पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ पुलिस के काम में बाधा डालने के आरोप में एक और मामला दर्ज किया गया है।"

उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनके खिलाफ काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने की "साजिश" रची, जबकि उन्होंने "वारंट देखने के बाद खुद को गिरफ्तारी के लिए पेश कर दिया था"।

वकील ने बताया कि सुनवाई के दौरान सांसद ने खुद अदालत के सामने कुछ सवाल उठाए थे।

शनिवार को एसीजेएम अदालत ने आदेश दिया कि पप्पू यादव को जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले दो दिन के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में न्यायिक हिरासत में रखा जाए। यह सुनवाई मूल रूप से सोमवार को होनी थी।

हालांकि, बम की धमकी के बाद अदालत में न्यायिक कार्य स्थगित होने के कारण सोमवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी।

भारती ने कहा, "पप्पू यादव ने इस बात पर जोर दिया कि अदालत ने उन्हें सोमवार को होने वाली सुनवाई तक पीएमसीएच में रखने का आदेश दिया था, लेकिन उन्हें रविवार को बिना उचित इलाज के अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और जेल भेज दिया गया।"

उन्होंने यह भी दावा किया कि शुरुआत में बिस्तर उपलब्ध न होने के कारण सांसद को स्ट्रेचर पर सामान्य वार्ड में रखा गया था और रात में खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं किया गया था।

भारती ने आगे कहा, "पप्पू यादव जी अदालत की कार्यवाही के दौरान रो पड़े, इसलिए नहीं कि उन्हें अस्पताल में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, बल्कि इसलिए कि उन्होंने देखा कि किसी को भी उचित इलाज नहीं मिल रहा था।"

उन्होंने दावा किया कि पीएमसीएच में लोग सेवाओं की घोर कमी और अराजकता की स्थिति में जी रहे थे।

वकील ने अधिकारियों पर अपने मुवक्किल के साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।

वकील ने दावा किया कि अदालत ने मामले को गंभीरता से लिया है और कहा है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

भारती ने बताया कि पप्पू यादव पर पुलिस को बाधा पहुंचाने के आरोप वाले मामले की सुनवाई बुधवार को होगी।


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