राजगीर से उठी बदलाव की गूंज
नालंदा के ऐतिहासिक राजगीर की सुबह आज कुछ अलग थी। सड़कें नारों से गूंज रही थीं, हवा में गुलाब की पंखुड़ियाँ तैर रही थीं, और हजारों समर्थक ‘पीके जिंदाबाद’ के नारों के बीच अपने नेता का स्वागत कर रहे थे। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने शनिवार सुबह 9 बजे कलाली मोड़ से अपने भव्य रोड शो की शुरुआत की। उनके साथ पार्टी प्रत्याशी सत्येंद्र पासवान भी मौजूद थे। जैसे ही काफिला आगे बढ़ा, समर्थकों ने जेसीबी मशीन से फूलों की बारिश कर माहौल को रंगीन बना दिया।
ढोल-नगाड़ों से गूंजता जनसैलाब
रोड शो जैसे-जैसे सिलाव बाईपास, नेपुरा मोड़ और नालंदा मोड़ की ओर बढ़ता गया, वैसे-वैसे भीड़ का आकार बढ़ता गया। हर चौक-चौराहे पर जन सुराज के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग ढोल-नगाड़ों, झंडों और नारों के बीच पीके का स्वागत कर रहे थे। जगह-जगह महिलाओं और युवाओं की भीड़ उमड़ रही थी। नालंदा के ग्रामीण इलाकों में भी लोग अपने घरों की छतों से फूल बरसाते दिखे।
जनता के बीच ‘जन सुराज’ का संदेश
प्रशांत किशोर का यह रोड शो सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनता से सीधा संवाद था। वे रास्ते में जगह-जगह रुककर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते और जन सुराज के प्रत्याशियों के लिए समर्थन मांगते दिखे। नीरपुर, बेन बाजार, परवलपुर, नूरसराय से गुजरते हुए उनका काफिला जब बिहारशरीफ पहुंचा, तो पूरा शहर एक जश्न में बदल गया। देवीसराय मोड़, नाला रोड, हॉस्पिटल मोड़ और सोहसराय चौक पर उनके स्वागत में सजाए गए मंचों पर जनसैलाब उमड़ा।
अस्थावां में होगा समापन, पांच विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगा काफिला
करीब 80 किलोमीटर लंबे इस रोड शो में प्रशांत किशोर का काफिला नालंदा जिले के पांच प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों — राजगीर, नालंदा, हिलसा, बिहारशरीफ और अस्थावां से होकर गुजरेगा। कार्यक्रम का समापन अस्थावां विधानसभा क्षेत्र के सारे में होगा। हर विधानसभा में जन सुराज के प्रत्याशी उनके साथ मौजूद रहेंगे और जनता से सीधा संपर्क बनाएंगे।
बिहार की सियासत में नया प्रयोग
प्रशांत किशोर पहले ही दरभंगा, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में अपने रोड शो से माहौल बना चुके हैं। हर जिले में उनकी सभाओं ने एक नए तरह की जनचर्चा को जन्म दिया है—जहां नेता मंच से बोलते नहीं, बल्कि जनता के बीच चलते हैं। यही जन सुराज की शैली है—‘जनता के बीच जाकर जनता की सरकार का वादा।’
जन सुराज का पूरा दांव नालंदा पर
नालंदा में जन सुराज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सातों विधानसभा सीटों—हरनौत से कमलेश पासवान, नालंदा से कुमारी पूनम सिन्हा, हिलसा से उमेश कुमार, इस्लामपुर से तनुजा कुमारी, राजगीर से सत्येंद्र पासवान, बिहार शरीफ से दिनेश कुमार और अस्थावां से लता सिंह को पार्टी ने चुनावी मैदान में उतारा है। सभी प्रत्याशी रोड शो में शामिल होकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
जनता की जुबान पर एक ही सवाल — ‘क्या पीके बदलेंगे बिहार?’
रोड शो के दौरान लोगों की बातचीत में एक ही सवाल गूंजता रहा — “क्या पीके सच में बिहार की सियासत को नई दिशा दे पाएंगे?” उनके समर्थकों का जवाब था, “अगर कोई कर सकता है, तो वही कर सकता है।” यह विश्वास ही जन सुराज की सबसे बड़ी पूंजी है।
अंतिम पड़ाव पर बढ़ता विश्वास
जैसे-जैसे काफिला अस्थावां की ओर बढ़ रहा था, शाम का सूरज ढलने लगा था — पर भीड़ का उत्साह कम नहीं हुआ। सड़कें अब भी भीड़ से लबालब थीं, और लोगों की आंखों में बदलाव की उम्मीद झलक रही थी। राजनीति के शोर के बीच यह रोड शो शायद एक नए बिहार की प्रस्तावना लिख रहा है — जहां राजनीति भीड़ नहीं, विचार से बदलेगी।
