महाराष्ट्र सरकार ने पुणे स्थित ससून जनरल अस्पताल के दो डॉक्टरों और एक कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इन लोगों पर पोर्शे कार दुर्घटना में शामिल नाबालिग चालक के रक्त नमूने में कथित हेरफेर का आरोप है।

चिकित्सा शिक्षा आयुक्त राजीव निवतकर ने सोमवार को आदेश जारी कर ग्रांट मेडिकल कॉलेज और जे जे समूह अस्पताल की डीन डॉ. पल्लवी सपले को समिति की अध्यक्ष नियुक्त किया।

अन्य सदस्य हैं ग्रांट मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. गजानन चव्हाण और छत्रपति संभाजीनगर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विशेष ड्यूटी अधिकारी डॉ. सुधीर चौधरी।

समिति को मंगलवार को पुणे का दौरा करने के लिए कहा गया है।

आयुक्त ने ससून जनरल अस्पताल के डीन डॉ. विनायक काले को आदेश दिया है कि वे जांच में समिति का सहयोग करें।

पुणे पुलिस ने ससून अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अजय तावारे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीहरि हलनोर और डॉ. तावारे के अधीन काम करने वाले कर्मचारी अतुल घाटकम्बले को गिरफ्तार किया है। उन्हें 30 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।