कुड़ासन गांव के सुदर्शन ठाकुर का बेटा रंजन भोजपुरी गायक था। मंगलवार की रात पत्नी से हुए विवाद व नोकझोंक के बाद भोजपुरी गायक ने बुधवार की भोर में खुदकुशी कर ली। ग्रामीणों ने देखा कि गले में रस्सी का फंदा लगा अपने घर के पास स्थित पेड़ से 34 वर्षीय आलोक रंजन बिहारी उर्फ रंजन ठाकुर लटक रहा है।
शव का पोस्टमार्टम कराने सदर अस्पताल पहुंचे मृतक के छोटे भाई रजनीश ठाकुर ने पुलिस को बताया कि मंगलवार की रात उसके भाई व भाभी कंचन देवी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। फिर दोनों नोकझोंक करने लगे। इससे गुस्सा कर उसके भाई ने भाभी के साथ मारपीट की। इसी बीच उसकी भाभी अपने कमरे से निकलकर दूसरे के घर में जाकर छुप गई। उसने बताया कि भाभी ने इस घटना की जानकारी फोन से जद्दुपुर निवासी अपने भाई मंजीव ठाकुर को दी। उनका भाई बाइक से कुड़ासन पहुंचे और अपनी बहन को लेकर जद्दुपुर अपने घर चले गए। जबकि भाभी की एक बेटी व दो बेटे यहीं रह गए। रजनीश ने बताया कि बुधवार की अहले सुबह चार बजे शौच के बहाने घर से उसके भैया निकले और गले व पेड़ में रस्सी बांध लटक गए, जिससे उनकी मौत हो गई। उनके गले में रस्सी का दाग है। उसका भाई बगल वाले मकान में रहते थे.
शव का पोस्टमार्टम कराने सदर अस्पताल पहुंचे कुड़ासन व अन्य गांवों के ग्रामीणों का कहना था कि झगड़ा के बाद अगर कंचन अपने भाई के साथ मायके नहीं जाती तो यह घटना नहीं होती। रंजन ने आवेश में आकर इस घटना को अंजाम दिया है। आलोक रंजन को दस वर्ष की बेटी सुहाना ठाकुर, सात वर्षीय बेटा कृष्णा कुमार व तीन वर्षीय बेटा अंश कुमार है। पति द्वारा खुदकुशी कर लिए जाने से दु:खी कंचन का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। वह बीच-बीच में बेहोश हो जा रही थी। उसके मुंह पर पानी का छींटा मारकर महिलाएं उसे होश में ला रही थीं। जब उसे होश आता तो यह कहती कि अगर उसे पता होता तो वह अपने मायके नहीं जाती। परिजनों द्वारा घटना की सूचना देने पर कंचन अपने मायके जद्दुपुर से रोते-बिलखते कुड़ासन ससुराल पहुंची। मां को रोते देख उसके बच्चे भी फफक-फफककर रो रहे थे।

