महागठबंधन की सरकार में अपने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद लालू यादव के बड़े बेटे और नए-नए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपने पदभार को संभल लिया है। पदभार को संभालते हुए वे अब एक्शन मोड में नजर आने लगे हैं। मालूम हो कि तेजप्रताप यादव को पर्यावरण से काफी लगाव है।
राबड़ी आवास पर भी उन्हें अक्सर फूल पतियों में उलझे देखा जाता रहा है। उन्होंने अपने घर में भी उन्होंने राजकीय पक्षी गौरैया के संरक्षण के लिए घोंसला लगवाया है। अपने आवास पर विदेशी नस्ल के कुत्तों के साथ ही घोड़े और गाय को उन्होंने पाल रखा है। इसी सन्दर्भ में बुधवार, 18 अगस्त को वे पटना चिड़ियाघर में दुर्लभ जीव-जंतुओं का हाल देखने पहुंचे।
बता दें कि तीन घंटे तक उन्होंने चिड़ियाघर का निरीक्षण किया। चिड़ियाघर के बाघ सम्राट और बाघिन के शावकों केसरी, मगध, विक्रम और रानी से मुलाकात की। साथ ही तेज प्रताप यादव ने शेर, जिराफ, हाथी आदि अन्य जानवरों को भी देखा।काफी देर तक उन्होंने बाघिन के स्वभाव, उसकी खासियत आदि के बारे में अधिकारीयों को विस्तार में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने अधिकारीयों को उनके खान-पान पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है।
मालूम हो कि पटना चिड़ियाघर में भारत का पहला गैंडा प्रजनन केन्द्र है। वे वहां भी गए। तेज प्रताप ने थ्री डी थियेटर में वन्य जीवों से जुड़ी फिल्म भी देखी। तेज प्रताप यादव ने अरण्य भवन में अफसरों के साथ मीटिंग भी की। यहां बैठक में विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी, वाइल्ड लाइफ वार्डेन पी के गुप्ता आदि से कई योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
ईको टूरिज्म में तेजप्रताप यादव की गहरी रुचि है। उन्होंने इससे जुड़ी चल रही योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।
