स्वदेशी रूप से विकसित लेजर-निर्देशित एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) का डीआरडीओ (DRDO) और भारतीय सेना (Indian Army) द्वारा केके रेंज में आर्मर्ड कोर सेंटर एंड स्कूल (ACC&S) अहमदनगर के सहयोग से मुख्य युद्धक टैंक (MBT) अर्जुन से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। इन मिसाइलों ने सटीकता से प्रहार किया और दो अलग-अलग रेंज में लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।
टेलीमेट्री सिस्टम ने इन मिसाइलों के संतोषजनक उड़ान प्रदर्शन को दर्ज किया है। ऑल-इंडिजिनस लेजर गाइडेड ATGM एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर (ERA) संरक्षित बख्तरबंद वाहनों को हराने के लिए एक टेंडेम हाई एक्सप्लोसिव एंटी-टैंक (HEAT) वारहेड का इस्तेमाल करता है। इस ATGM को मल्टी-प्लेटफॉर्म लॉन्च क्षमता के साथ विकसित किया गया है और वर्तमान में MBT अर्जुन की 120 मिमी राइफल्ड गन से तकनीकी मूल्यांकन परीक्षण चल रहा है।
इन परीक्षणों के साथ, एटीजीएम की न्यूनतम से अधिकतम सीमा तक लक्ष्यों को शामिल करने की क्षमता की स्थिरता सफलतापूर्वक स्थापित की गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने लेजर गाइडेड ATGM के सफल प्रदर्शन के लिए DRDO और भारतीय सेना की सराहना की है।
