बिहार में भीषण गर्मी के बाद मानसून के आगमन से बिहारवासियों को गर्मी से राहत मिली है। तेज आंधी और गरज के साथ बिहार के जिलों में बारिश हो रही है। और इसी बीच कोसी-बागमती और महानंदा नदी के जलस्तर में वृद्धि के चलते बिहार के कई जिलों में बाढ़ की दहशत एक बार फिर से बढ़ने लगी है। नदियों का पानी बिहार के गांवों में घुसने लगा है। लिहाजा कुछ इलाकों में लोग गांव का घर छोड़ बांधों पर शरण लेने की तैयारी करने लगे हैं।
सीमांचल में नदियों के जलस्तर में उतार चढ़ाव रविवार को भी जारी रहा। कटिहार जिले में 12 घंटे तक घटने के बाद फिर से महानंदा नदी के जल स्तर में वृद्धि होने लगी है। रविवार को महानंदा मे 5 से 7 सेंटीमीटर, गंगा नदी के जलस्तर में 19 सेंटीमीटर तथा कोसी नदी के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।
आपको बता दें, महानंदा और गंगा नदी में हो रहे कटाव से लोगों मे दहशत बढ़ने लगी है। अधीक्षण अभियंता गोपाल चंद्र मिश्र ने बताया कि नदियों के बढ़ते और घटते जलस्तर के कारण जगह जगह पर कटाव हो रहा है जिसकी निगरानी की जा रही है। सहरसा और सुपौल जिले में कोसी नदी के जलस्तर रविवार, 19 जून को भी दिनभर जलस्तर के बढ़ने और घटने की रफ्तार जारी रही।
मालूम हो, रविवार की सुबह 6 बजे कोसी बराज पर 1 लाख 22 हजार 655 क्यूसेक डिस्चार्ज रिकार्ड किया गया। जबकि शाम 4 बजे 1 लाख 21 हजार 860 क्यूसेक डिस्चार्ज रिकार्ड किया गया। जो बढ़ने की स्थिति में है। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता मनोज कुमार रमण ने बताया कि तटबंध पर कोई दबाब नही है।
