केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान संस्थान (National Tribal Research Institute) का उद्घाटन किया। अमित शाह ने जनजातीय मामलों के मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) के मंत्री अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) की उपस्थिति में “आजादी का अमृत महोत्सव” (Azadi Ka Amrit Mahotsav) के एक भाग के रूप में इस संस्थान का उद्घाटन किया।
जनजातीय संस्कृति और विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने के जनजातीय मामलों के मंत्रालय के प्रयासों में इस संस्थान का उद्घाटन महत्वपूर्ण है। शाह ने आज उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, “आज का दिन महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी के विजन के अनुसार, राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान संस्थान आखिरकार अस्तित्व में आ रहा है। हम सोच सकते हैं कि यह सिर्फ एक और संस्था है, लेकिन राष्ट्र निर्माण में ऐसी संस्थाओं की भूमिका होती है।”
यह प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों, संगठनों के साथ-साथ शैक्षणिक निकायों और संसाधन केंद्रों के साथ सहयोग और नेटवर्क करेगा। देश भर में 100 से अधिक आदिवासी कारीगरों और जनजातीय नृत्य मंडलों ने अपने स्वदेशी उत्पादों और प्रदर्शनों का प्रदर्शन किया। “राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान संस्थान” एक प्रमुख राष्ट्रीय स्तर का संस्थान होगा और शैक्षणिक, कार्यकारी और विधायी क्षेत्रों में जनजातीय चिंताओं, मुद्दों और मामलों का तंत्रिका केंद्र बन जाएगा।
