बिहार का मौसम पिछले 2 दिनों से सुहाना बना हुआ है। राज्य के कई जिलों में अलग अलग समय पर बारिश और तेज हवाओं का प्रवाह हो रहा है। इसे देखते हुए केरल में मानक समय से तीन दिन पूर्व मानसून के आगमन से बिहार में भी इसके समय पूर्व आगमन के आसार बढ़ गए हैं। बिहार में पिछले दो सालों से मानसून समय से पूर्व दस्तक दे रहा है।
ऐसे में यह तीसरा साल होगा जब मानसून के समय से पहले आगमन के आसार जताये जा रहे हैं। पूर्णिया में मानसून 13 जून को पहुंचता है। इसके बाद यह राज्य भर में फैलता है। पिछले साल समय पूर्व आने के साथ-साथ राज्य भर में इसका प्रसार मात्र दो दिन में हो गया था। मौसमी घटनाओं पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ के अनुसार, मानसून का प्रसार इसके विस्तार को मिलने वाली अनुकूल परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इस बार इसके करंट के प्रसार को मिलने वाली अनुकूल स्थितियां ही इसके आगमन की राह प्रशस्त करेंगी। वर्तमान परिस्थितियों में बिहार में 11 जून को मानसून के आगमन के आसार हैं।
मौसम के जानकारों के अनुसार अब बिहार में प्री मानसून गतिविधियों में पहले की अपेक्षा कुछ बढ़ोतरी देखी जाएगी। उत्तर और दक्षिण बिहार में भी बारिश की गतिविधियां आंशिक रूप से बढ़ेंगी। मानसून के समय से पहले आगमन के साथ-साथ इस बार राज्य में सामान्य से अधिक बारिश का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है।
सूबे में मानसून सीजन की सामान्य बारिश का मानक 1017.2 मिमी है। वर्ष 2019 में सूबे में मानसून सीजन में बारिश 1050 मिमी दर्ज की गई थी। 2020 में सूबे में 1272 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं साल 2021 में भी सामान्य से अधिक बारिश हुई।
वहीं मौसम के करवट बदलने से राजयभर के जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। पटना के अधिकतम तापमान में 5.7 डिग्री पारा गिरा है। दो दिनों में राजधानी के तापमान में लगभग आठ डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। अब भी पटना सहित राज्यभर में दो दिनों तक पुरवा हवा का प्रवाह बने रहने के आसार हैं।
