LJP के संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष रामविलास पासवान को मंगलवार को मरणोपरांत पद्म भूषण से नवाजा गया. उन्हें ये सम्मान 51 साल के बेदाग राजनीतिक सफर के लिए दिया गया है. लोजपा नेता को यह सम्मान मिलने से उनके परिजनों समेत पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है. मंगलवार को दिवंगत नेता को पद्म भूषण से नवाजे जाने के बाद बिहार के हाजीपुर में समर्थकों जश्न मनाया. समर्थकों ने रंग-गुलाल उड़ाए और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी.
जश्न के दौरान महिला समर्थक संजू चंद्रा ने कहा कि हमारे लिए दोहरी खुशी की बात है. गणतंत्र दिवस भी है और हमारे नेता को पद्मभूषण से सम्मानित भी किया गया है. पूरे जिले के लोग खुश हैं. प्रधानमंत्री जी को जितनी बधाई दी जाए, वो कम है. वहीं, एक अन्य समर्थक ने कहा कि हमने मांग की थी कि बाबा साहेब आंबेडकर के बाद देश के दूसरे आंबेडकर रामविलास पासवान को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए. लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उन्हें पद्म भूषण दिया गया. फिर भी हम खुश हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को आभार व्यक्त करते हैं. समर्थकों ने इस सम्मान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को थैंक्यू कहा.
रामविलास पासवान का हाजीपुर से गहरा नाता रहा है. हाजीपुर उनकी कर्मभूमि रही है और वे यहां से आठ बार सांसद रहे थे. 1977 से राजनीति की शुरुआत करने वाले रामविलास अक्सर हाजीपुर को अपनी मां कहा करते थे. राजनीति की शुरुआत से लेकर अपने अंतिम समय तक रामविलास हाजीपुर से जुड़े रहे और हाजीपुर की जनता ने भी रामविलास पासवान को लगातार प्यार और समर्थन दिया. कह सकते हैं कि रामविलास पासवान और हाजीपुर एक दूसरे के लिए पहचाने जाने लगे थे. ऐसे में उन्हें पद्म भूषण मिलने के बाद हाजीपुर में जश्न का माहौल दिखा.

