इस भीषण गर्मी के कारण सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। आम से लेकर हरी सब्जियों में बैगन, भिंडी, करेली, लौकी, परवल, कटहल, बोदी की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। गर्मी से झुलसकर आम के टिकोड़े को 15 से 20 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। जबकि पिछले वर्षों की तुलना में चना व गेहूं के उत्पादन में भी कमी दर्ज की गई है।
15 से लेकर 16 अप्रैल तक तापमान में कोई कमी होने की गुंजाइश नहीं दिख रही है। इन दो दिनों में पारा न्यूनतम 22 से 24 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। इससे आरा के भोजपुर में इस साल भीषण गर्मी ने 90 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अप्रैल में ही पारा 44 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। जबकि मई माह अभी बाकी है। सुबह 11 बजे के बाद घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर होते-होते सड़कें विरान हो जा रही है। सरकारी दफ्तरों में भी सामान्य दिनों की तुलना में लोग अपने कामों को लेकर कम पहुंच रहे हैं। इससे भीड़- भाड़ नहीं के बराबर देखने को मिल रही है।
इन बातों का रखें ध्यान
- खाली पेट घर से बाहर नहीं निकलें
- सुपाच्य व हल्के भोजन का करें सेवन व खूब पानी पीयें
- हल्के रंग के ढीले ढाले सूती कपड़े पहनें
- धूप के चश्मा के साथ तौलिया, गमछा या छतरी का उपयोग करें
- खाली पैर न घूमे, जूता या चप्पल जरूर पहनें
