निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (surveillance investigation bureau) के अंदाजे से भी अधिक की सम्पति मुजफ्फरपुर के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) संतोष कुमार के पास से प्राप्त हुआ है। BSO संतोष कुमार के चल-अलच संपत्ति के अंबार को देख निगरानी अधिकारी हैरान रह गए हैं। बता दें, BSO संतोष कुमार और उनकी पत्नी के नाम पर 6 बैंक खातों में 1.41 करोड़ रुपए जमा हैं।
निगरानी के छापेमारी में संतोष कुमार के नाम पर एक खाते में 64 लाख रुपए जमा है। इसके साथ साथ संतोष और उनकी पत्नी के नाम पर खोले गए अलग-अलग बैंक खतों में 19, 19, 11, 8 और 20 लाख रुपए जमा किये गए हैं। इसके अलावे दोनों ने वित्तीय संस्थानों मे भी 10 लाख रुपए का निवेश कर रखा है।
बता दें, संतोष कुमार ने सितम्बर 1991 में सरकारी सेवा शुरू किया। नौकरी में आने के 17 साल बाद उन्होंने कई अचल संपत्ति खरीदनी शुरू कर दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2006 में उन्होंने पत्नी के नाम फुलवारीशरीफ में दो प्लॉट खरीदें। इसके बाद साल 2010 में हाजीपुर में दो जमीन, इसके अगले साल ही फिर दो प्लॉट की खरीद की गई थी। फिर दिसंबर 2016 और जनवरी 2017 में उन्होंने मुजफ्फरपुर के मिठनापुर स्थित ग्रैंड मॉल में दो दुकान खरीद ली। इसके अलावा दिल्ली, गुड़गांव और ग्रेटर नोएडा में भी तीन फ्लैट उनके नाम पर है। जिसे जान निगरानी डिपार्टमेंट के होश उड़द गए हैं।
इस छापेमारी के दौरान संतोष कुमार के पास से आय से अधिक 2,42,26,866 रुपए पाए गए हैं। हालांकि, शनिवार को हाजीपुर और मुजफ्फरपुर स्थित ठिकानों की छापेमारी में भारी मात्रा में सोने-चांदी और हीरे के अलावा कई अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी हाथ लगे थे। इतनी सम्पति मिलने के बाद निगरानी को और अधिक सम्पति मिलने का BSO पर शक है।
