उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लोक भवन में गुरुवार, 24 मार्च को हुए बैठक में योगी आदित्यनाथ को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और झारखंड के पूर्व सीएम रघुबर दास भी शामिल थे, जो पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक (Supervisor and Co-Supervisor) के रूप में बैठे थे। भाजपा विधायक दल का नेता चुनाने के बाद शाम को योगी आदित्यनाथ ने पार्टी और गठबंधन के नेताओं के साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। जहां उन्होंने औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया।
आज 25 मार्च है और आज ही लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम में योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस शपत समाहरो के साक्षी देश के कई बड़े नेता बनेंगे। जिसमें पीएम मोदी के साथ कई केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और भाजपा शासित राज्यों के उपमुख्यमंत्री और विपक्षी दलों के नेता शामिल हो रहे हैं।
इस समाहरो की तैयारी काफी समय से चल रही थी। जो अब पूरी हो चुकी है। लखनऊ एयरपोर्ट से लेकर स्टेडियम तक चपे-चपे पर सुरक्षा के कड़े इंतेज़ाम के साथ साथ पुरे रास्ते को सजाया गया है। लेकिन अभी तक इस बात की खबर सामने नहीं आई है कि उत्तर प्रदेश के उपमुख़्यमंत्रियों के कुर्सी पर कौन विराजमान होगा। उपमुख़्यमंत्रियों के नाम पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। लेकिन इकोनॉमिक्स टाइम्स ने सूत्रों के हवाले बताया कि पिछली कैबिनेट के कई मंत्रियों को बरकरार रखा जाएगा। ब्रजेश पाठक, श्रीकांत शर्मा, महेंद्र सिंह, सिद्धार्थ नाथ सिंह, नंद गोपाल नंदी और संदीप सिंह को एक और मौका मिलने की संभावना है। कैबिनेट में नए चेहरों में बेबी रानी मौर्य, असीम अरुण और राजेश्वर सिंह के शामिल होने की संभावना है, जो शपथ लेने वाले 48 मंत्रियों में शामिल होंगे।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब कोई मंत्री लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहा है। साल 2017 में पहली बार मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ ने दो डिप्टी सीएम की घोषणा की थी।
