बिहार विधानसभा में चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला। वे विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) पर ही भड़क गए। नीतीश कुमार ने तेज आवाज में कहा कि संविधान के अनुरूप काम होगा। न हम किसी को फंसाते हैं और न बचाते हैं। आप इस तरह से हाऊस चलाएंगे? आप गलत कर रहे हैं। हम ऐसा नहीं चलने देंगे। इस तरह की चर्चा हाउस में नहीं की जाती है।
सदन में स्पीकर विजय सिन्हा ने सीएम नीतीश को टोकना चाहा लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार(Nitish Kumar) को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने स्पीकर की बात भी नहीं मानी और लगातार तब तक बोतले रहे जब तक उनकी बात पूरी नहीं हो गई। सीएम नीतीश को काफी दिनों बाद सदन के अंदर इतने गुस्से में देखा गया।
दरअसल भाजपा के विधायक संजय सरावगी ने सदन में सवाल उठाया कि लखीसराय में बीते लगभग 2 महीनों में 9 लोगों की हत्या कर दी गई, उस मामले में क्या कार्रवाई हो रही है। सरकार की तरफ से प्रभारी गृह मंत्री विजेंद्र यादव संजय सरावगी के सवालों का जवाब दे रहे थे। भाजपा विधायक सरावगी मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने सरकार को घेरने के अंदाज में कहा कि पुलिस दोषियों को नहीं पकड़ रही है। विधायक सरावगी सरकार पर ही सवाल उठाते हुए मंत्री के जवाब के बीच में बोलने लगे।
यह मामला विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा के क्षेत्र का है। इसलिए स्पीकर विजय सिन्हा भी विभागीय मंत्री की ओर से संजय सरावगी के सवाल पर स्पष्ट जवाब चाह रहे थे। विधायक और मंत्री के बीच हो रहे सवाल-जवाब से स्थिति थोड़ी असहज हो रही थी। इसलिए इस प्रश्न को 16 तारीख तक के लिए स्थगित कर दिया गया। अचानक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोलने लगे।
सीएम ने विधायक संजय सरावगी द्वारा उठाए गए सवाल को ही कठघरे में खड़े करते हुए कहा कि इस मामले में जांच चल रही है। जो मामला न्यायालय में हो उसे सदन में नहीं उठाया जाना चाहिए। यह काम संविधान के खिलाफ है। काफी तल्ख लहजे में जोर-जोर से बोलते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार न किसी को फंसाती है, न किसी को बचाती है। यह सब जानते हुए भी सदन में ऐसे सवाल उठाकर समय बर्बाद किया जा रहा है।
नीतीश कुमार ने यहां तक कह दिया कि आप किस तरह से हाउस चला रहे हैं। आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ जो आज किया जा रहा है। अपराध के इन्क्वायरी की रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी जाती है। उससे आपको क्या मतलब है? इस दौरान नीतीश कुमार ने आसन की ओर कई बार अंगुली उठाते हुए गुस्से में बात की। गुस्से में फायर नीतीश कुमार को रोकने के लिए अध्यक्ष विजय सिन्हा ने हस्तक्षेप किया। अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री आसन की बात भी सुनें।
विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि पुलिस के द्वारा लखीसराय की घटना पर खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां तक संविधान की बात है तो मुख्यमंत्री हमसे ज्यादा जानते हैं। मैं आपसे सीखता हूं। स्पीकर ने कहा कि जिस मामले की बात हो रही है उसके लिए तीन बार सदन में हंगामा हो चुका है। मैं विधायकों का कस्टोडियन हूं। मैं जब भी क्षेत्र में जाता हूं तो लोग सवाल पूछते हैं कि थाना प्रभारी और डीएसपी की बात नहीं कह पा रहे हैं। आसन को हतोत्साहित करने की बात ना हो। सरकार गंभीरता से इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है।आप लोगों ने ही मुझे विधानसभा अध्यक्ष बनाया है।
