सोशल मीडिया (Social Media) पर एक विडियो तेजी से वायरल हो रही है। इस विडियो में एक शख्स चाय बेच रहा है। लेकिन इसकी खासियत चाय बेचना नहीं, चाय बेचने का तरीका है। जैसे भुबन के पास कच्चा बादाम बेचने का अनोखा तरीका था, जिसने भुबन को इतना फेमस बना दिया कि आज भुवन बादाम बेचना छोड़ दिए। ठीक कुछ उसी तरह इस लड़के के चाय बेचने का तरीका भी अनोखा है।
मेरियो रैपर कल्चर चाय-कॉफी शॉप। पटना के मुसल्लहपुर में उनकी चाय की दुकान है। यहां चाय-कॉफी के साथ रैप के मजे फ्री में लीजिए। रैप भी एकदम सटायर वाले। फूल कॉन्फिडेंस के साथ। ज्यादातर रैप सॉन्ग में उन तमाम युवाओं का दर्द होता है जो बिहार के अलग-अलग हिस्सों से पटना आए हैं पढ़ने के लिए…। इनके स्टॉल पर शाम होते ही मुसल्लहपुर के युवा चाय पीने उमड़ पड़ते हैं और मेरियो उन्हें रैप सुनाते हैं। शाम में इनकी दुकान का माहौल एकदम रैप शो जैसा हो जाता है। कई बार तो मुसल्लहपुर की सड़क जाम होने लगती है।
ग्राहकों का कहना है कि सोनू की चाय में भी स्वाद होता है और उसके बनाने का अंदाज तो अलग है। चाय पीने के साथ साथ मनोरंजन भी हो जाता है। सोनू के इसी अंदाज के कारण उसकी दुकान पर भीड़ लगी है। बातचीत के दौरान सोनू ने बताया कि उसकी तमन्ना है कि वह एक बहुत बड़ा रैपर स्टार बने। उसकी आर्थिक तंगी के कारण और घर की जिम्मेदारियों के कारण उसने अपने सपनों को पंख लगाने के लिए चाय की दुकान खोली है।
वे बताते हैं कि पिछले चार महीने से वे सड़क किनारे छोटा सा स्टॉल लगाकर चाय बेच रहे हैं। इससे पहले एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में ऑफिस बॉय का काम करते थे। कमाई आठ हजार रुपए होती थी। पिता की कमाई भी बहुत ज्यादा नहीं है कि उससे घर ठीक से चल सके। बहन गुड़िया को नर्सिंग की तैयारी भी करा रहे हैं मेरियो। इसलिए उन्होंने न सिर्फ अपनी पढ़ाई छोड़ दी बल्कि आठ हजार की नौकरी भी छोड़ दी। इसके बाद तय किया कि वे चाय बेचेंगे। मेरिया ने प्लस टू किया, उसके बाद सिविल इंजीनियरिंग कर रहे थे, लेकिन दो साल बाद ही पैसे के अभाव में उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी।
मेरियो जब आम जनता की बात जब रैप में लिखते हैं तो उसमें नोटबंदी से लेकर किसानों और बेरोजगार युवाओं का दर्द तक आ जाता है।
