बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद (Tarkishore Prasad) ने सोमवार को विधानसभा में बजट 2022-23 पेश किया। 2.37 लाख करोड़ रुपए के बजट में उन्होंने हर वर्ग के लोगों के लिए कुछ-न -कुछ घोषणाएं की है। विकास के अपने 6 एजेंडे को भी बताया है।
हर जिले में एक मॉडल प्लस टू हाई स्कूल बनाया जाएगा
- कुल बजट का 16.5% खर्च शिक्षा पर किया जाएगा
- राज्य के प्राथमिक स्कूलों में 40,558 प्रधान शिक्षक नियुक्त होंगे
- मध्य विद्यालयों में 8,386 फिजिकल टीचर्स की नियुक्ति होगी
- राज्य के सभी जिलों में एक मॉडल प्लस टू हाई स्कूल बनाया जाएगा
- राज्य में 4,638 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की जाएगी
- किसानों की आय वृद्धि पर है सरकार का फोकस
शहरों में सब्जी बिक्री केंद्र की स्थापना की जाएगी
- किसानों को दलहन और तिलहन के बीज फ्री में उपलब्ध कराए जाएंगे
- 2446 करोड़ से 54 बाजार प्रांगण को विकसित किया जाएगा
- राज्य में 30 फीट के 361 चेक डैम का निर्माण किया जाएगा
- राज्य के 8463 पैक्सों में कृषि संयंत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे
स्वास्थ्य में राज्य को क्या मिला
- बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम -2021 को मिली मंजूरी।
- पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू।
- राज्य में मेडिकल कॉलेज खुलेंगे।
- राज्य में 150 नई एंबुलेंस खरीदी जाएगी।
- IGMS, पटना में कैंसर के लिए 1200 ऐक्स्ट्रा बेड का भवन
बाजार की मांग के अनुरूप युवाओं को शिक्षित करने की कोशिश
- राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस की स्थापना
- राज्य के हर जिले में मेगा स्किल सेंटर की स्थापना की जाएगी
- सभी टेक्निकल इंस्टीट्यूट में अब हिन्दी में भी होगी पढ़ाई
- बिहार मेडिकल, इंजीनियरिंग और स्पोर्ट्स की स्थापना की जाएगी
- 18 अनुमंडलों में डिग्री कॉलेज की स्थापना की जाएगी
बजट के 6 सूत्र
- स्वास्थ्य – स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए इस बार अधिक राशि का प्रावधान
- शिक्षा – शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गुणात्मक व आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा
- उद्योग एवं उद्योग में निवेश – निवेशों के जरिए राज्य में औद्योगीकीकरण का बेहतर माहौल बनेगा
- कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र – इसका उद्देश्य कृषि के अतिरिक्त पशु संसाधन एवं सहकारिता का विकास करना है 5- ग्रामीण एवं शहरी आधारभूत संरचना – ग्रामीण विकास एवं शहरी विकास पर बड़ी राशि की व्यवस्था से ढांचागत क्षेत्र मजबूत होगा
- विभिन्न वर्गों का कल्याण – अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, महिलाओं एवं बच्चों के अतिरिक्त दिव्यांगजनों वृद्धजनों एवं अन्य वंचित वर्गो के हितों के संरक्षण एवं कल्याण को लेकर सरकार 12,375.07 करोड़ रुपये खर्च करेगी
